शेयर बाजार में म्यूच्यूअल फण्ड को सुरक्षित निवेश का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है. आम तौर कहा जाता है कि म्यूच्यूअल फण्ड में इक्विटी की तुलना में जोखिम कम है लेकिन मुनाफा भी कम है। मगर लोगों की ये धारणा उस समय गलत साबित हो जाती है जब पता चलता है कि 29 साल पहले आपने किसी म्यूच्यूअल फण्ड में अगर दस हज़ार रूपये महीना डालना शुरू किया तो आज आपके पास इतनी रकम हो गयी है कि आप अपने सारे सपने पूरे कर सकते हैं. वैसे भी म्यूच्यूअल फण्ड अब शेयर बाजार के साथ ही चलते नज़र आते हैं, 2023 में म्यूच्यूअल फंडों ने इतना ज़ोरदार मुनाफा दिया कि कई बड़ी कंपनियों के शेयरों ने भी नहीं दिया होगा.
हम बात कर रहे हैं HDFC Flexi Cap Fund की जो एक ओपन एंडेड डायनामिक इक्विटी स्कीम है। इसमें लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश रहता है। इस फंड ने अब अपने 29 साल पूरे कर लिये हैं। इसके एनुअल ग्रोथ की बात करें तो पिछले 29 वर्षों में इस फण्ड ने 18.87% कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से रिटर्न दिया है। इसे आप ऐसे समझिये कि अगर आप इस फंड की लॉन्चिंग से अगर इसमें 10,000 रुपये महीने की SIP डाल रहे है तो अब तक आपका कुल निवेश 34.8 लाख रुपये बनता है। आपके इस निवेश से आपका कॉर्पस 31 दिसंबर, 2023 तक 16.5 करोड़ रुपये हो चुका है।
इस फंड की निवेश रणनीति की बात करें तो बॉटम-अप एप्रोच पर आधारित है जिसमें वाजिब दाम वाले क्वालिटी कंपनीज के शेयरों पर फोकस किया जाता है। इस रणनीति का उद्देश्य मीडियम से लॉन्ग टर्म में अच्छी ग्रोथ करने वाली मजबूत कंपनियों को चुनना है। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड के मुताबिक एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप फंड एक रिसर्च बेस्ड इन्वेस्टमेंट प्रोसेस को फॉलो करता है। म्यूचुअल फंड में पोर्टफोलियो की देखरेख फंड मैनेजर्स द्वारा की जाती है।

