टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का कंसोलिटेड नेट प्रॉफिट जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.9 फीसदी बढ़कर 8,433 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यह बढ़ोत्तरी सालाना आधार पर है. इस मुनाफे में एक कानूनी दावे के लिए किया गया 1218 करोड़ रुपये का प्रोविजन शामिल नहीं है. अगर इस राशि को मिला दें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 7475 करोड़ रुपये बैठता है, जो कि तिमाही आधार पर 6.7 फीसदी की ग्रोथ है. सितंबर 2019 तिमाही में टीसीएस ने 8042 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया था.
कंपनी के रेवेन्यु में भी सितंबर 2020 तिमाही में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई और यह साल दर साल आधार पर 3 फीसदी बढ़कर 40,135 करोड़ रुपये हो गया. एक साल पहले की समान तिमाही में टीसीएस को 38,977 करोड़ रुपये का रेवेन्यु हासिल हुआ था. जुलाई-सितंबर तिमाही में रेवेन्यु, अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले 4.7 फीसदी बढ़ा है.
वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ कंपनी ने नियामकीय फाइलिंग में बताया कि टीसीएस बोर्ड ने 16000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक प्लान को मंजूरी दी है. कंपनी 3000 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के हिसाब से बायबैक करेगी. बोर्ड ने टीसीएस के 5,33,33,333 तक शेयरों को बायबैक करने के प्रस्ताव को मंजूर किया है. टीसीएस ने यह भी घोषणा की है कि वह अपने शेयरधारकों को 12 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड देगी.इसके अलावा टीसीएस के कर्मचारियों की सैलरी 1 अक्टूबर से बढ़ाने का भी फैसला किया गया है.

