वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा कहा कि वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में आई गिरावट “एक अस्थायी झटका है” और आने वाले क्वाटर्स में इसमें काफी सुधार देखने को मिलेगा।
लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा, “सरकार का मानना है कि दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि में आई मंदी एक अस्थायी झटका है और आने वाली तिमाहियों में इसमें सुधार देखने को मिलेगा।” सीतारमण ने माना कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही भारत के साथ-साथ दुनिया की अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौतीपूर्ण रही है। हालांकि, पिछले तीन वर्षों में भारत की जीडीपी वृद्धि दर औसतन 8.3 प्रतिशत रही है, लेकिन वैश्विक मानकों के हिसाब से यह एक असाधारण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि इससे दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होती है। उन्होंने कहा, “मैं भविष्य में आर्थिक प्रदर्शन में सुधार को लेकर आशावादी हूं।” वित्त मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर सात तिमाहियों के निचले स्तर यानि 5.4 प्रतिशत पर आ गई जबकि पहली तिमाही में यह 6.7 प्रतिशत थी।
मुद्रास्फीति पर, सीतारमण ने कहा कि पिछली कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान यह दोहरे अंकों के आंकड़े को छूने के बाद, 2014-2024 के दौरान हेडलाइन खुदरा दर को वापस 5.1 प्रतिशत पर लाया गया। बता दें कि अक्टूबर में 10.9 प्रतिशत की तुलना में इस महीने खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 9 प्रतिशत पर आ गई।

