कोरोनावायरस महामारी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने छोटे किसानों और अपना कारोबार शुरू करने वालों को बड़ी राहत दी है. दरअसल, RBI ने प्राथमिकता क्षेत्र रिण श्रेणी (प्राइयारिटी सेक्टर लैंडिंग) का दायरा बढ़ा दिया है. स्टार्ट-अप को भी बैंक कर्ज की प्राथमिक श्रेणी में शामिल किया गया है. इसके तहत स्टार्ट-अप को 50 करोड़ रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा इसमें किसानों को सौर संयंत्रों तथा कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना के लिए भी कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा.
रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को कहा कि प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (PSL) दिशानिर्देशों की व्यापक समीक्षा के बाद इसे उभरती राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुकूल संशोधित किया गया है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि सभी अंशधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद अब इसके तहत समावेशी विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
रिजर्व बैंक की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘संशोधित पीएसएल दिशानिर्देशों से कर्ज से वंचित क्षेत्रों तक कर्ज की पहुंच को बेहतर किया जा सकेगा. इससे छोटे और सीमान्त किसानों तथा समाज के कमजोर वर्गों को अधिक कर्ज उपलब्ध कराया जा सकेगा. साथ ही इससे अक्षय ऊर्जा, स्वास्थ्य ढांचे को भी कर्ज बढ़ाया जा सकेगा.’’ अब पीएसएल में स्टार्ट-अप को बैंकों से 50 करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण उपलब्ध कराया जा सकेगा.

