नई दिल्ली: जीएसटी और फेसलेस इनकम टैक्स की व्य़वस्था लागू करने के बाद अब केंद्र की मोदी सरकार कारोबारी जगत के लिए एक और बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। सरकार इंडिया इंक के लिए सिंगल ऑनलाइन अनुपालन ढांचा बनाने की तैयारी कर रही है ताकि एकबार में विभिन्न रेगुलेटरी जरूरतों का पालन हो सके। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया अनुपालन बोझ घटाने के लिए इस पर विचार किया जा रहा है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कॉरपोरेट मामले मंत्रालय ने विभिन्न रेगुलेटर्स जैसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड से कॉमन डाटा सोर्स के अनुपालन के लिए सिंगल प्लेटफार्म पर चर्चा शुरू की है।
एक देश, एक टैक्स और इनकम टैक्स के अंतर्गत फेसलेस एसेसमेंट के बाद सरकार का यह कदम देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है। एक अधिकारी ने कहा, ‘प्रस्तावित सिंगल विंडो प्लेटफार्म का उद्देश्य कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री और अन्य संस्थाओं के डाटाबेस को एकत्रित करना है ताकि फीलिंग में दोहराव को कम किया जा सके।’ यह निश्चित तौर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देगा। वर्तमान में कंपनियों को कई फिलिंग करनी पड़ती हैं। विभिन्न रेगुलेटर्स की अलग जरूरत और डाटा भरने के अलग-अलग फॉर्मेट होते हैं।

