नई दिल्ली। बाजार से रौनक गायब होने लबी है और जीडीपी घटकर पांच पर जा पहुंची है इसके चलते शेयर मार्केट और अन्य निवेश के क्षेत्रों में भी सुस्ती का आलम है ऐसे में आपको कहा निवेश करना चाहिए ताकि ज्यादा मुनाफा हो और किस प्रकार से उसपर निगरानी रखनी चाहिए इस बारे में आज यहां आपको कुछ सुझाव दे रहे हैं-
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बाजार के उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए, निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश करते रहना चाहिए क्योंकि लंबी अवधि में बाजार के उतार-चढ़ाव का इसमें असर नहीं होता हालाकि आप चाहें तो एकमुश्त निवेश न करके मासिक या तिमाही निवेश करने का विकल्प चुन सकते हैं।
Mutual Fund की संख्या वैसे तो हजारों की है लेकिन स्पेशल सिचुएशन फंड और एमएनसी फंड जैसे विकल्प को आजमाने में हमेशा रिटर्न अच्छा मिलता है और कोई जोखिम भी नहीं रहता। तो आइए जानते हैं कि क्या है ये Mutual Fund-
Special Situation Fund
कंपनियों के परिचालन में बीच-बीच में और समय-समय पर विशेष परिस्थितियों का निर्माण होता रहता है. ऐसी परिस्थितियां एक फंड प्रबंधक के समक्ष निवेश के मौके लेकर आती हैं. इनका फायदा उठाने के लिए कोई जरूरी नहीं है कि आप एक डाइरेक्ट इक्विटी निवेशक ही हों, आपका इक्विटी म्यूचुअल फंड ऐसी परिस्थितियों में कारगर साबित हो सकता है।
What is Special Situation
विशेष परिस्थितियां तब आती हैं, जब कोई कंपनी, सेक्टर या अर्थव्यवस्था अस्थायी रूप से संकट में हो. ऐसा सरकार द्वारा उठाये गये कोई कदम, नियामकों में बदलाव या वैश्विक घटनाचक्र अथवा अनिश्चतताओं से उत्पन्न हो सकता है. जितनी बड़ी अनिश्चितता होती है, पैसे बनाने के उतने बड़े अवसर होते हैं।
बैंक : हाल फिलहाल एनबीएफसी सेक्टर तरलता की समस्या से जूझ रहा है. यह समस्या कॉरपोरेट बैंकों के लिए एक विशेष अवसर लेकर आया है, जिनके पास पहले से ही लाइबिलिटी फ्रेंचाइजीज हैं, क्योंकि एनबीएफसी ही बैंकों के लिए एक बड़े प्रतिस्पर्धी माने जाते हैं।
मेटल और कमोडिटी : जिस तरह से अमेरिका और चीन में कारोबारी युद्ध को लेकर ठनी हुई है, उससे मेटल और कॉमोडिटी के सेक्टर में विशेष परिस्थितियों का निर्माण हो गया है।

