मंगलवार को शेयर बाजार बंद होने से पहले निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो गया। मंगलवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 1,281.21 अंकों की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर 76,030.59 अंकों पर पहुंच गया। जबकि एक दिन पहले सेंसेक्स 77,311.80 अंकों पर बंद हुआ था। हैरान करने वाली बात यह है कि शेयर बाजार में यह गिरावट जनवरी से भी ज्यादा देखने को मिली है। अभी फरवरी का आधा महीना भी नहीं बीता है और 2,400 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है।
दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरह से टैरिफ का डर पूरी दुनिया को दिखाया है। उसका असर वैश्विक शेयर बाजारों पर साफ तौर पर दिख रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। ट्रंप ने हाल ही में स्टील और एल्युमीनियम पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। जिसके चलते शेयर बाजार में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है।
4 फरवरी से शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। इस दौरान सेंसेक्स में 3.25 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 4 फरवरी को सेंसेक्स बंद होने के बाद 78,583.81 अंकों पर देखा गया था। तब से अब तक इसमें 2,553.22 अंकों की गिरावट देखी जा चुकी है।
दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी धूल चाटता नजर आ रहा है। कारोबार के दौरान निफ्टी 394.95 अंक गिरकर 22,986.65 अंकों पर आ गया। जबकि एक दिन पहले निफ्टी 23,381.60 अंकों पर बंद हुआ था।
निफ्टी में यह गिरावट 5 दिनों से जारी है। 4 फरवरी से लगातार निफ्टी जमीन चाटता नजर आ रहा है। इस दौरान निफ्टी में 3.17 फीसदी की गिरावट आई है। निफ्टी के आंकड़ों पर नजर डालें तो 4 फरवरी को यह 23,739.25 अंकों पर बंद हुआ था। इसका मतलब है कि निफ्टी में 752.6 अंकों की गिरावट देखने को मिली है। जिसके आगे भी जारी रहने की संभावना है।
शेयर बाजार में आई इस गिरावट की वजह से शेयर बाजार के निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। एक दिन पहले बीएसई का मार्केट कैप 4,17,82,573.79 करोड़ रुपये था। जो कारोबारी सत्र के दौरान घटकर 407 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया। इसका मतलब है कि मौजूदा कारोबारी सत्र के दौरान निवेशकों को 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान देखने को मिला।

