नई दिल्ली। आमलोगों में तेजी से प्रचलित हो रहे निवेश के नए साधन म्युचुअल फंड पर अब निवेश करना महंगा हो जाएगा। कल से यानी 1 जुलाई 2020 से म्यूचुअल फंड में निवेश करने या इसे बेचने पर अब स्टांप ड्यूटी देना होगी। इससे निवेश थोड़ा महंगा जाएगा, जिससे निवेश पर फर्क पड़ेगा। यही नहीं म्यूचुअल फंड में अगर आप सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी और सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी माध्यम से भी निवेश पर स्टांप ड्यूटी लगेगी। इस स्टांप ड्यूटी का सबसे ज्यादा असर डेट फंड्स पर देखने को मिलेगा जो आम तौर पर छोटी अवधि के लिए होती है।
इस नए नियम के अनुसार, म्यूचुअल फंड में निवेश पर कुल इनवेस्टमेंट का 0.005 फीसदी आपको स्टांप ड्यूटी के तौर पर देना होगा। इसके अलावा अगर आप म्यूचुअल फंड यूनिट का ट्रांसफर करते हैं, तो भी आपको स्टांप ड्यूटी देनी होगी। इसमें 3 गुना ज्यादा यानी 0.015 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगेगी।
लाइव मिंट के अनुसार, म्यूचुअल फंड पर स्टांप ड्यूटी वैसे तो इस साल जनवरी से ही लागू होनी थी, लेकिन पहले इसे टालकर अप्रैल किया गया। इसके बाद फिर से इसे टालकर जुलाई कर दिया गया। ऐसे में अगर इसकी तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाती है तो 1 जुलाई से यह लागू हो जाएगा। इससे म्यूचुअल फंड में निवेश पर अतिरिक्त शुल्क लागू हो जाएगा। स्टांप ड्यूटी म्यूचुअल फंड यूनिट बेचने के दौरान नहीं बल्कि खरीदते हुए ही आपको चुकाना होगा।

