10 दिसंबर को एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (एएमएफआई) द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला है कि लार्ज-कैप और थीमेटिक/सेक्टोरल फंड में निवेश कम होने के कारण नवंबर में ओपन-एंडेड इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश घटकर 35,943.49 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले महीने से 14.2 प्रतिशत कम है।वहीँ ओपन-एंडेड इक्विटी फंड में निवेश लगातार 45वें महीने सकारात्मक क्षेत्र में रहा।
नवंबर के दौरान, सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के माध्यम से मासिक निवेश 25,320 करोड़ रुपये रहा, जबकि अक्टूबर में यह 25,323 करोड़ रुपये था। इक्विटी फंड में निवेश में गिरावट महीने के दौरान बाजार के सुस्त प्रदर्शन के बीच आई। नवंबर में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में -0.27 प्रतिशत और -0.31 प्रतिशत की गिरावट आई।
नए फंड ऑफर की कमी के कारण नवंबर के दौरान सेक्टोरल/थीमैटिक फंड्स में प्रवाह 37.6 प्रतिशत गिरकर 7,657.75 करोड़ रुपये हो गया। नवंबर के दौरान श्रेणी के तीन एनएफओ ने 2,751 करोड़ रुपये जुटाए। कमजोर बाजारों के बावजूद अक्टूबर में इक्विटी फंड का प्रवाह 41,887 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया लिक्विड फंड, शॉर्ट ड्यूरेशन फंड, फ्लोटर फंड जैसी श्रेणियों में महीने के दौरान शुद्ध निकासी देखी गई। दूसरी ओर, ओवरनाइट फंड, अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड और मनी मार्केट फंड में निवेश में गिरावट आई।
हाइब्रिड फंड, जो इक्विटी, डेट और कमोडिटीज में निवेश करते हैं, में आर्बिट्रेज फंड में निवेश में 76 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 4,123.69 करोड़ रुपये रहा। इसके अलावा, बैलेंस्ड हाइब्रिड फंड/एग्रेसिव हाइब्रिड फंड, डायनेमिक एसेट एलोकेशन/बैलेंस्ड एडवांटेज फंड और मल्टी एसेट एलोकेशन फंड श्रेणियों में निवेश में महीने के दौरान गिरावट देखी गई। इंडेक्स फंड और गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड जैसी अन्य फंड श्रेणियों में भी नवंबर के दौरान मांग में गिरावट देखी गई।

