अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग के बाद दुनिया भर के बाज़ारों की तरह भारतीय शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1000 अंकों की गिरावट के साथ 79,191 पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स निफ्टी शुरुआती कारोबार में 280 अंकों की गिरावट के साथ 23,918 पर कारोबार करता नजर आया।
निफ्टी पैक शेयरों में आज सबसे ज्यादा गिरावट Asian Paintsमें 2.20%, Hindalco में 2.14%, Tata Steel में 1.97%, BEL में 1.94% और M&M में 1.90% देखी गई। वहीं, Dr Reddys और Tata Consumer के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई।
गुरुवार सुबह सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी Metal में 1.57% देखी गई। इसके अलावा निफ्टी IT में 1.16 फीसदी, निफ्टी Bank में 1.19 फीसदी, निफ्टी Auto में 1.21 फीसदी, निफ्टी Financial Services में 1.27 फीसदी, निफ्टी FMCG में 0.33 फीसदी, निफ्टी Media में 0.75 फीसदी, निफ्टी Pharma में 0.03 फीसदी, निफ्टी PSU Bank में 1.12 फीसदी, निफ्टी Private Bank में 1.11 फीसदी, निफ्टी Realty में 0.74 फीसदी, निफ्टी Helathcare में 0.10 फीसदी, निफ्टी Consumer Durables में 0.77 फीसदी, निफ्टी Oil and Gas में 0.92 फीसदी, निफ्टी Midsmall Healthcare में 0.32 फीसदी, निफ्टी Midsmall Financial Services में 0.94 फीसदी और निफ्टी Midsmall IT में 0.79 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
फेडरल रिजर्व ने बुधवार रात प्रमुख ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती का ऐलान किया। बाजार को इसकी उम्मीद पहले से ही थी। बाजार की नजर इस बात पर थी कि फेड साल 2025 में दरों में कटौती को लेकर क्या संकेत देता है और इस मामले में उसे निराशा हाथ लगी है। फेड का अनुमान है कि 2025 में दो बार 0.25 प्रतिशत की कटौती हो सकती है। जबकि पहले यह अनुमान 4 बार 0.25 प्रतिशत की कटौती का था।
अमेरिकी फेड के वर्ष 2025 में दरों में कटौती के अनुमानों का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर पड़ा है। आज ज्यादातर एशियाई बाजारों में गिरावट है। एसएंडपी 500 और नैस्डैक में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। डाउ जोंस 2.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, अमेरिकी डॉलर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। अमेरिकी फेड के फैसलों के बाद अमेरिकी डॉलर 2 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

