नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत में जितना कोयला भंडार है, उस हिसाब से देश को दुनिया का सबसे बड़ा कोयला निर्यातक बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। प्रधानमंत्री कोयला ब्लाकों में वाणिज्यिक खनन लाइसेंस की नीलामी प्रक्रिया के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नीलामी प्रक्रिया का उद्घाटन किया।
उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में उठाया गया कदम बताया। वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला ब्लाकों की नीलामी से सरकार को देश में अगले पांच से सात साल में 33,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश की उम्मीद है। इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘‘भारत कोरोना से लड़ेगा भी, जीतेगा भी और आगे बढ़ेगा भी। भारत इसे बड़ी आपदा समझ कर रोते या बैठे रहने के पक्ष में नहीं है। बल्कि इसे अवसर में बदलने के लिए कृतसंकल्प है। कोरोना के इस संकट ने भारत को आत्मनिर्भर भारत होने का सबक भी दिया है।’’
मोदी ने कहा कि आज हम सिर्फ वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला ब्लकों की नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत नहीं कर रहे हैं। बल्कि कोयला क्षेत्र को ‘दशकों के लॉकडाउन’ से भी बाहर निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जो देश कोयला भंडार के हिसाब से दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश हो और जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक हो।

