स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह वृहद आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक रुझानों और घरेलू मोर्चे पर विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि पिछले सप्ताह रिकॉर्ड तेजी के बाद ऊंचे मूल्यांकन के कारण इस सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। निवेशकों की नजर वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट कच्चे तेल के भाव और रुपये-डॉलर के उतार-चढ़ाव पर भी रहेगी।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक प्रवेश गौड़ ने कहा कि इस सप्ताह शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव संभावित रहेगा। ऊंचे मूल्यांकन चिंता का विषय बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब मानसून की प्रगति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर उसके असर पर रहेगी। जुलाई में जारी होने वाले आम बजट पर भी सबकी निगाहें टिकी हैं। बाजार में वृद्धिोन्मुखी नीतियों की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां और कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार धारणा को प्रभावित करेंगी। वैश्विक मोर्चे पर मुनाफावसूली देखने को मिली है। 2 जुलाई को अमेरिका में रोजगार के आंकड़े आएंगे। 3 जुलाई को आईएसएम सर्विसेज पीएमआई के आंकड़े जारी होंगे। 2 जुलाई को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के प्रमुख का संबोधन होना है।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंदर सिंह नंदा ने कहा कि बाजार का रुख प्रमुख घरेलू और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से तय होगा। इस दौरान एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई, एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज पीएमआई, एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई, फेडरल रिजर्व के प्रमुख का संबोधन, अमेरिका में बेरोजगारी दावों के आंकड़े बाजार के लिए प्रमुख घटनाक्रम हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीनियर ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट-हेड (रिसर्च, ब्रोकिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि हमें उम्मीद है कि बाजार में तेजी बरकरार रहेगी और शेयर विशेष गतिविधियां देखने को मिलेंगी। ऑटो कंपनियां अपनी मासिक बिक्री के आंकड़े जारी करेंगी। ऐसे में सभी की नजर उनके शेयरों पर रहेगी।

