धनतेरस के शुभ अवसर पर लोग अपनी क्षमता के अनुसार सोने के आभूषण, सिक्के आदि खरीदते हैं। इस बार सोने और चांदी की कीमत में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिल रही है। सोने की कीमत जहां 80 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर गई है, वहीं चांदी तो एक लाख के ऊपर है। ऐसे में अगर आप धनतेरस पर निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो बड़ा सवाल ये है कि आपको सोने के आभूषण खरीदने चाहिए या फिर गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना चाहिए।
सोने की कीमत 21 अक्टूबर 2023 को 61,690 रुपए प्रति 10 ग्राम थी, जो एकसाल बाद बढ़कर 80,420 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। यानी कीमत में रिकॉर्ड 18,730 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह करीब 30.3% की प्रतिशत बढ़ोतरी के बराबर है। वहीं अगर पिछले तीन सालों पर नजर डालें तो सोने की कीमत में करीब 32,850 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह पिछले तीन सालों में सोने ने करीब 68.9% का रिटर्न दिया है। पांच सालों में सोने ने 108.9% का बंपर रिटर्न दिया है।
वहीँ गोल्ड ईटीएफ स्कीम पर नजर डालें तो एक साल में औसत रिटर्न 29.12% रहा है। वहीं 3 साल और 5 साल में रिटर्न क्रमश: 16.93% और 13.59% रहा है। इस तरह यह फिजिकल गोल्ड के मुकाबले कम रिटर्न देता है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप लंबे समय के लिए सोने में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो फिजिकल गोल्ड खरीदना फायदेमंद रहेगा। वहीं, अगर लिक्विडिटी की जरूरत है तो गोल्ड ईटीएफ बेहतर विकल्प रहेगा। आमतौर पर फिजिकल गोल्ड को मैन्युफैक्चरिंग और स्टोरेज कॉस्ट की वजह से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है। वहीं, गोल्ड ईटीएफ के अधिग्रहण और स्वामित्व की लागत कम खर्चीली है।
गोल्ड ईटीएफ से जुड़ी एक लागत ब्रोकरेज फीस है, जो खरीदने और बेचने पर चुकानी पड़ती है। गोल्ड ईटीएफ का एक और फायदा यह है कि सोने के आभूषण या सिक्के बेचने में भले ही ज्यादा समय लगे, लेकिन शेयर बाजार में गोल्ड ईटीएफ को जल्दी खरीदा या बेचा जा सकता है। अगर आप ट्रेडिंग के मकसद से सोने में निवेश कर रहे हैं तो आप गोल्ड ईटीएफ का विकल्प चुन सकते हैं।

