फाइनेंस डेस्क – 14 जुलाई 2025 को आयकर विभाग ने पूरे देश में बड़ी कार्रवाई की। ये जांच उन लोगों और एजेंट्स के खिलाफ की गई जो गलत जानकारी और झूठे दस्तावेज़ देकर इनकम टैक्स में छूट और रिफंड का दावा कर रहे थे।
क्या हुआ है इस बार?
- कई लोग और संस्थाएं नकली टैक्स डिडक्शन और एग्जम्पशन दिखाकर रिटर्न फाइल कर रहे थे।
- कुछ टैक्स सलाहकार (CA, एजेंट) भी इस फर्जीवाड़े में शामिल थे।
- गलत दावे करके ये लोग ज्यादा रिफंड लेने की कोशिश कर रहे थे।
कैसे किया जा रहा था फ्रॉड?
- फर्जी रेंट रसीद, नकली डोनेशन, बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए मेडिकल और एजुकेशन खर्च, जैसी चीज़ें शामिल थीं।
- कई मामलों में झूठे TDS रिटर्न भरकर सरकार से पैसा वापस लिया गया।
- कुछ लोग अपनी आय (Income) बढ़ाकर दिखा रहे थे, ताकि ज्यादा टैक्स कटे और फिर फर्जी छूट दिखाकर ज्यादा रिफंड मिल सके।
सरकार ने क्या कदम उठाए?
- AI, डेटा एनालिटिक्स और गुप्त सूचना के ज़रिए पकड़ी गई गड़बड़ियां।
- महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में छापेमारी।
- जिन लोगों पर शक है, उनके रिफंड रोके जा रहे हैं और जांच चल रही है।
किन सेक्शनों का किया जा रहा है दुरुपयोग?
- 80GG (किराया छूट)
- 80E (एजुकेशन लोन पर ब्याज)
- 80D (हेल्थ इंश्योरेंस)
- 80G/80GGA (दान)
- 10(13A) (HRA)
- 80EE/80EEA (होम लोन ब्याज)
सरकार का कहना है कि ये सिर्फ प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारी नहीं, सरकारी विभागों और मल्टीनेशनल कंपनियों के लोग भी इसमें शामिल हैं।
अब क्या होगा?
- जहां भी धोखाधड़ी पाई जा रही है, वहां जुर्माना, रिफंड रिकवरी, और कानूनी कार्रवाई हो रही है।
- कई मामलों में FIR और मुकदमा भी चल सकता है।

