नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को विश्वास जताया कि अगले वर्ष के बजट में घोषित विनिवेश कार्यक्रम अच्छे तरीके से आगे बढ़ेगा और गैर-कर राजस्व में सुधार होगा। उद्योग मंडल फिक्की के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे बड़े क्षेत्रों में बड़ी राशि खर्च की जाएंगी। वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में विनिवेश के जरिये 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ने अगले वित्त वर्ष में बीपीसीएल, एयर इंडिया, पोत परिवहन निगम, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, बीईएमएल, पवन हंस और नीलांचल इस्पात निगम लि. में रणनीतिक बिक्री (नियंत्रणकारी हिस्सेदारी की बिक्री) की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, एलआईसी का आईपीओ लाया जाएगा और सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों और एक साधारण बीमा कंपनी को बेचने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सीतारमण ने कहा, ‘हमें पूरा भरोसा है कि निवेश का जो कार्यक्रम बनाया गया है, वह बेहतर तरीके से क्रियान्वित होगा।’ सीतारमण के इस बयान को फिक्की ने ट्विटर पर डाला और बाद में वित्त मंत्रालय ने उसी को दोबारा से ‘ट्वीट’ किया। उन्होंने कहा, ‘हमने अतिरिक्त रुपये की मांग को लेकर समाज के किसी भी तबके पर बोझ नहीं डाला है।’ सीतारमण ने यह भी कहा कि सरकार को इस साल राजस्व संग्रह में सुधार की पूरी उम्मीद है। विनिवेश के अलावा दूसरे गैर-कर राजस्व से अच्छी प्राप्ति की संभावना है जिसमें संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाना (बिक्री या पट्टा/किराया पर देना) शामिल हैं।
सीतारमण ने कहा, ‘उद्योग को अब इस स्थिति में होना चाहिए कि वह विस्तार और वृद्धि के लिए निवेश करे। और यह स्पष्ट तौर पर संकेत मिला है कि वे अब उस प्रौद्योगिकी के लिए संयुक्त उद्यम के लिए तैयार हैं, जिसे वे तरजीह दे रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को तत्काल प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए सरकार सार्वजनिक ढांचागत सुविधा में बड़े स्तर पर खर्च करेगी और तीन बड़े क्षेत्रों…बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य और कृषि में अच्छी खासी राशि खर्च किए जाएंगे।’

