देश में मंहगे घरों यानि लग्ज़री आशियानों की मांग बढ़ रही है, इसका मतलब ये भी है देश आर्थिक विकास की तरफ बढ़ रहा है. देश के सात प्रमुख शहरों की अगर बात करें तो रियल एस्टेट बाजार के जानकारों के मुताबिक इस साल घरों की बिक्री में ज़ोरदार उछाल आने वाला है. इन सातों शहरों में घरों की बिक्री साल-दर-साल 38 प्रतिशत बढ़कर 4.5 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाय तो पता चलता है कि साल 2022 में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र (एमएमआर), कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद में 3,26,877 करोड़ रुपये के घर बेचे गए।
वहीँ 2023 के पहले नौ महीनों में बेची गई आवासीय संपत्तियों का मूल्य 3,48,776 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले साल की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है। एनारॉक ग्रुप के अध्यक्ष अनुज पुरी के मुताबिक हकीकत यह है कि 2023 के ोाहले नौ महीनों में घरों की बिक्री कीमत पूरे 2022 की तुलना में अधिक रही है जो इस बात को दर्शाती हैकि प्रीमियम लक्जरी घरों की बढ़ती मांग बढ़ी है। दिल्ली-एनसीआर में भी मकानों की बिक्री में तेजी आई है और यहां भी मकान की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है.
जानकारों के मुताबिक बड़े शहरों में औसत कीमतें आठ से 18 फीसदी के बीच बढ़ने की उम्मीद है. अनुज पुरी के मुताबिक इससे वार्षिक बिक्री मूल्यों की सेगमेंट-टू-सेगमेंट तुलना चुनौतीपूर्ण हो गई है. 2023 की जनवरी-मार्च तिमाही को देखें तो सात बड़े शहरों में 1,12,976 करोड़ रुपये के घर बिके. दूसरी तिमाही में एक फीसदी और तीसरी तिमाही में आठ फीसदी का इज़ाफ़ा देखा गया. अनुज पुरी ने कहा कि इस साल त्योहारी तिमाही में इन बाजारों में बिक्री मजबूत रही है और यह रुझान साल के अंत तक जारी रहेगा।

