नई दिल्ली: कोरोना वायरस की वजह से अपनी अर्थव्यवस्था में जो ठहराव आया था, वह धीरे धीरे खत्म हो रहा है। उभरती भारतीय अर्थव्यवस्था में बेहतरी के संकेत इस बात से मिले हैं कि बीते अक्टूबर के दौरान क्रेडिट कार्ड के बारे में पूछताछ पिछले वर्ष की तुलना में 106% के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि कोविड-19 के वजह से हुए लॉकडाउन के बाद अब जैसे-जैसे इकोनामी खुल रही है वैसे-वैसे आर्थिक गतिविधियों में सुधार हो रहा है।
देश में इंफॉर्मेशन एंड इनसाइट क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी ट्रांसयूनियन सिबिल से मिले आंकड़ों के मुताबिक नॉन मेट्रो शहरों में क्रेडिट कार्ड की लोकप्रियता बढ़ रही है। इन शहरों में परंपरागत रूप से नकदी का अधिक इस्तेमाल होता रहा है। इसके उलट, मेट्रो शहरों में नकदी के बजाय डिजिटल पेमेंट का जोर रहा है। नए ट्रेंड मिले हैं कि नॉन मेट्रो शहरों में पहले की तुलना में अधिक ग्राहक क्रेडिट कार्ड को लेने के इच्छुक नजर आ रहे हैं। तभी तो इन शहरों में क्रेडिट कार्ड के बारे में जानकारी लेने में 23 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसके उलट मेट्रो या बड़े शहरों में क्रेडिट कार्ड की पूछताछ पिछले साल के मुकाबले 10 फ़ीसदी घट गई है।
ट्रांसयूनियन सिबिल के मुताबिक जब अर्थव्यवस्था में क्रेडिट कार्ड की मांग एक बार फिर से फिर से शुरू हो गई है तो अब क्रेडिट कार्ड की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। बीते जुलाई में जारी होने वाले क्रेडिट कार्ड का स्तर 37 फ़ीसदी था जो कि जुलाई 2019 के स्तर के बराबर पहुंच गया है। लॉकडाउन की अवधि में भी देखें तो अप्रैल 2020 के दौरान क्रेडिट कार्ड की गिरावट इतनी तेज नहीं थी। उस समय भी जारी होने वाले क्रेडिट कार्ड की संख्या एक साल पहले के मुकाबले महज 9 फ़ीसदी ही घटे थे।

