कोलकाता: कोयला क्षेत्र को निजी कंपनियों के खोले जाने का विरोध कर रहीं ट्रेड यूनियनों (मजदूर संगठनों) ने इस मुद्दे पर बातचीत के लिए केंद्र सरकार द्वारा बुलायी गयी संयुक्त सचिव स्तर की बैठक में भाग लेने से इनकार कर दिया है।
उनका कहना है कि वे सचिव या मंत्री के साथ बात करेंगी। ये ट्रेड यूनियनें सरकारी कंपनी कोल इंडिया तथा एससीसीएल में दो जुलाई से तीन दिवसीय हड़ताल करने वाली हैं। वे हड़ताल के निर्णय पर टिकी हुई हैं। ट्रेड यूनियनों ने कोल इंडिया की अनुषंगी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड को विभक्त करने पर भी आपत्ति व्यक्त की है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के नेता बी के राय ने बताया, ‘‘संयुक्त सचिव स्तर की बैठक बुलायी गयी थी, लेकिन ट्रेड यूनियनों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। हम केवल कोयला सचिव या कोयला मंत्री के साथ बातचीत करने वाले हैं।” ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव डी डी रामनंदन ने कहा कि हड़ताल तय है।

