नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में हाइवेज सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में आ रही अड़चनों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में मुख्य रूप से वन मंजूरी के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसमें यह बात उभरकर आई कि 187 राजमार्ग परियोजनाओं में फोरेस्ट क्लीयरेंस मांगी गई है। बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से हुई बैठक में रेल और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री वी के सिंह शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि परियोजनाओं में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए संयुक्त रूप से मासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बयान में कहा कि लंबित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के संदर्भ में बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में यह बात सामने आई कि 187 राजमार्ग परियोजनाओं के लिए फोरेस्ट क्लीयरेंस लंबित है।
बैठक में यह बात भी सामने आई कि कई परियोजनाओं ने अभी तक चरण-2 की वन मंजूरी के लिए आवेदन नहीं किया है। संबंधित अधिकारियों को इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया गया। बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि 30 सड़क परियोजनाएं रेलवे के पास लंबित हैं।

