मुंबई: हाल ही में जनवरी-मार्च तिमाही में इकॉनमी की सेहत को लेकर सरकार की तरफ से रिपोर्ट जारी की गई थी। इस रिपोर्ट में कोरोना का आंशिक असर साफ-साफ दिखाई दिया था, हालांकि रेटिंग एजेंसियों के मुकाबले यह बेहतर था। सबकी नजर अब अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे पर है क्योंकि, दो महीने तो पूरी तरह लॉकडाउन रहा। बैंक ऑफ अमेरिका सिक्यॉरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन को और बढ़ाने से आर्थिक गतिविधियों पर गहरा असर होगा।
बैंक ऑफ अमेरिका ने अपनी रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के दौरान देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में दो प्रतिशत संकुचन (Contraction)का अनुमान जताया है। बोफा सिक्यॉरिटीज ने यह अनुमान लॉकडाउन के मध्य जुलाई तक खिंचने और आर्थिक गतिविधियों के अगस्त से फिर शुरू होने के आधार पर लगाया है। गौर करने वाली बात यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने भी वित्त वर्ष 2020-21 में देश की अर्थव्यवस्था सिकुड़ने का अनुमान जताया है। हालांकि उसने कोई विशेष स्तर नहीं बताया है।

