नयी दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में जारी लॉकडाउन के बीच इस अक्षय तृतीया से स्वर्ण आभूषण उद्योग में डिजिटल तौर तरीकों से लेनदेन के नये दौर की शुरुआत हो सकती है।
लाकडाउन के कारण दुकानें बंद हैं। अक्षय तृतीया को सोना और गहने खरीदने का शुभ अवसर माना जाता है, ऐसे में इस दिन आनलाइन खरीदारी जोर पकड़ सकती है। अक्षय तृतीया का त्यौहार 26 अप्रैल रविवार को है। इस बीच कुछ विश्लेषकों की राय में अन्य सम्पत्तियों में अनिश्चिता को देखते हुए सोना एक सुरक्षित निवेश बन गया है और निकट भविष्य में सोने के दाम 48,550 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकते हैं।
विश्व स्वर्ण परिषद के भारत स्थित प्रबंध निदेशक पी आर सोमासुदरंम ने कहा कि सोने के ऊंचे दाम, सामान की डिलीवरी में अड़चनें, शादी ब्याह को लेकर अनिश्चितता, कमाई के साधनों में कमी इस बार की अक्षय तृतीया में सोने की खरीदारी पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि जब दुनिया में चौतरफा अनिश्चितता का दौर हो तो ऐसे समय सोने में आकर्षण बढ़ जाता है।
एमके ग्लोबल फाइनेंसियल सविर्सिज के शोध प्रमुख राहुल गुप्ता का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से इस अक्षय तृतीया पर बेशक मांग कम रह सकती है लेकिन आने वाले समय में दाम ऊपर चढ़ेंगे। गुप्ता की राय में ‘‘बीच बीच में दाम कुछ नीचे आ सकते हैं लेकिन कुल मिलाकर दाम ऊपर बने रहेंगे। घरेलू बाजार में सोना 47,300 से लेकर 48,550 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर को छू सकता है।’
उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े स्वर्ण समर्थित ईटीएफ एसपीडीआर गोल्ड ट्रस्ट होल्डिंग में भी तेजी आ सकती है। 22 अप्रैल 2020 को इस ईटीएफ में 1,042.46 टन सोने के सौदे थे। अकेले अप्रैल में इसमें आठ प्रतिशत की वृद्धि हुइ है। सोमासुदरंम ने कहा कि इस अक्षय तृतीया को स्वर्ण उद्योग में आने वाले डिजिटल बदलाव के तौर पर देखा जा सकता है। नीतिगत स्तर पर इसे बेहतर भी कहा जा सकता है। यदि यह डिजिटल लेनदेन लंबे समय तक बरकरार रह सकती है तो पारदर्शिता के लिहाज से यह बेहतर बदलाव होगा साथ ही सोने के मौद्रीकरण के लिहाज से भी यह बेहतर होगा।

