नई दिल्ली: लॉकडाउन के बीच उद्योग जगत को उम्मीद है कि सरकार की तरफ से उनके लिए बड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं। खासकर MSME सेक्टर को इसकी सख्त जरूरत है। एक टीवी चैनल से बात करते हुए देश के MSME मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कोरोना के बाद दुनिया चीन के साथ व्यापार जारी नहीं रखना चाहती है। संकट की घड़ी में यह भारत के लिए वरदान की तरह है। अगर इस मौके का सही फायदा उठाने में कामयाब होते हैं तो 2025 तक 5 ट्रिल्यन डॉलर इकॉनमी का सपना भी पूरा हो सकता है।
MSME सेक्टर को राहत देने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी कर मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर का जीडीपी में योगदान एक तिहाई है और 11 करोड़ लोगों की नौकरी इस सेक्टर में है। उन्होंने इस सेक्टर को बचाने के लिए पांच सुझाव भी दिए हैं।
नितिन गडकरी का बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में भारत द्वारा FDI के नियम में बदलाव के बाद चीन ने आरोप लगाया है कि बदले हुए नियम WTO के खिलाफ हैं। नए नियम के तहत चीन सरकार की अनुमति के बिना भारत में FDI के रास्ते निवेश नहीं कर सकता है।
कोरोना के कारण पूरी दुनिया तबाह है और तमाम एजेंसियों का मानना है कि 2020 में ज्यादातर इकॉनमी की ग्रोथ रेट नेगेटिव रहेगी। हालांकि IMF का अनुमान है कि भारत की विकास दर 1.9 फीसदी रहेगी जो सबसे ज्यादा होगी। अगले वित्त वर्ष इसमें तेजी आएगी।

