नई दिल्ली: दिग्गज ऑडिट फर्मों पीडब्ल्यूसी (PwC), अर्न्स्ट ऐंड यंग (EY), केपीएमजी (KPMG) और डेलॉयट (Deloitte) की तरह भारत में भी विश्वसनीय ऑडिट फर्म बनाने की बात चल रही है, सरकार की कोशिश है कि भारत में भी इसी तरह देसी बिग-4 ऑडिट फर्म की दिशा में आगे बढ़ा जाए।
कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री की तरफ से एक कंसल्टेंसी पेपर जारी किया गया है, जिसके मुताबिक भारत में भी बिग-4 के स्तर के देसी ऑडिट फर्म को विकसित करने की जरूरत है। MCA ने इस पेपर को लेकर ऑडिटर्स से उनकी सलाह मांगी है। ऑडिटर्स से पूछा गया है कि भारती ऑडिटिंग सिस्टम में जो खामियां हैं, उससे कैसे ऊबरा जा सकता है।
कंसल्टेंसी पेपर के मुताबिक, बिग-4 ऑडिट कंपनियों के इकनॉमिक कॉन्सनट्रेशन के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर हो सकता है। इसलिए इसकी जरूरत ज्यादा है। साथ ही कहा गया है कि भारतीय ऑडिट फर्म को ऑडिट प्रोसेस, ऑडिट टूल्स, मैनपावर कपैसिटी जैसे पहलुओं पर गंभीरता से गौर करने की जरूरत है।

