नयी दिल्ली: शुक्रवार को मुख्य आर्थिक सलाहार के सुब्रमण्यम ने कहा, भारत की अर्थव्यवस्था में सुस्ती दुनिया की धीमी अर्थव्यवस्था की वजह से है। देश में आर्थिक नरमी अपने निचले स्तर को प्राप्त कर चुकी है और अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर के बढ़कर छह से 6.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान (एनएसओ) के अग्रिम अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर के 11 साल के निचले स्तर पर पांच प्रतिशत रह सकती है।
सुब्रमण्यम की अगुवाई वाली टीम के द्वारा तैयार आर्थिक समीक्षा 2019-20 में अगले वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6-6.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा समीक्षा रपट को संसद में पेश किये जाने के बाद सुब्रमण्यम ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में जितनी सुस्ती आ सकती थी, वह आ चुकी है। अब यहां से इसमें तेजी देखने को मिलेगी।

