भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय द्विमासिक बैठक बुधवार को शुरू हुई। ऐसा माना जा रहा है कि MPC प्रमुख ब्याज दर रेपो को अपरिवर्तित रखेगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति द्वारा लिए गए निर्णयों की घोषणा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती की उम्मीद नहीं है, क्योंकि मुद्रास्फीति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। फरवरी 2023 से रेपो दर 6.5 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बनी हुई है। केंद्रीय बैंक ने आखिरी बार फरवरी 2023 में रेपो दर को बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत किया था और तब से उसने इसे लगातार सात बार अपरिवर्तित रखा है।
एसबीआई के एक शोध पत्र के अनुसार, केंद्रीय बैंक को उदार रुख वापस लेने के अपने फैसले पर कायम रहना चाहिए। ‘एमपीसी बैठक की प्रस्तावना’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि आरबीआई चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में रेपो दर में कटौती करेगा और “यह कटौती कम रहने की संभावना है।”
इस महीने के अंत में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए जाएंगे। इसमें कहा गया है कि अक्टूबर से वित्त वर्ष 2024-25 के अंत तक मुद्रास्फीति पांच प्रतिशत से नीचे रहने की उम्मीद है। आरबीआई से उम्मीदों के बारे में हाउसिंग डॉट कॉम और प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ने अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है और 2023-24 में 8.2 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर हासिल की है, जो 2022-23 में सात प्रतिशत थी। उन्होंने कहा, “इसके मद्देनजर उम्मीद है कि आरबीआई एमपीसी मौजूदा मुद्रास्फीति दबावों के बीच अपने मौजूदा नीतिगत रुख को बनाए रखेगा और इस साल ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है।

