लोकसभा चुनाव नतीजों से पहले शेयर बाजार में डर का माहौल पूरी तरह हावी है जिसके चलते गुरुवार को लगातार पांचवें दिन बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इन पांच दिनों में सेंसेक्स में 2000 अंकों से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। बता दें कि आम चुनाव के नतीजे 4 जून को आएंगे। सरकार गठन को लेकर तस्वीर साफ न होने से बाजार में घबराहट है। आज बीएसई सेंसेक्स 617.30 अंकों की गिरावट के साथ 73,885.60 अंकों पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई निफ्टी 216.05 अंकों की गिरावट के साथ 22,488.65 अंकों पर बंद हुआ।
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार लाल निशान में खुले। सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों में टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, पावर ग्रिड, टाइटन, नेस्ले इंडिया और बजाज फिनसर्व के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। लोकसभा चुनाव के छह चरणों के बाद भी बाजार को अभी भी यकीन नहीं है कि लोकसभा चुनाव के बाद किसकी सरकार बनेगी। यही वजह है कि भारतीय शेयर बाजार लगातार पांच सत्रों से गिर रहा है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव (लाल सागर में एक जहाज पर नया हमला) के कारण तेल की कीमतों में उछाल ने चिंता जताई कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहेंगी। इससे विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से अमेरिकी मुद्रास्फीति पर दबाव पड़ने की उम्मीद है। इससे फेड को ब्याज दरों में कटौती को टालने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इसका असर बाजार पर भी पड़ रहा है। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्केई और चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में रहे। बुधवार को अमेरिकी बाजार नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए।

