भारतीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों और ब्याज दरों पर भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले से तय होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरिम बजट और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसले के बाद अब ध्यान केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा पर है. घरेलू मोर्चे पर मौद्रिक नीति समिति की बैठक 6-8 फरवरी को होने वाली है.
इस सप्ताह भारती एयरटेल, Powergrid, नेस्ले, Lupin और tata power अपने तिमाही नतीजे घोषित करेंगे। डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर भी नज़र रहेगी. इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी काफी अहम होंगी. बाजार के जानकारों के अनुसार अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और अंतरिम बजट के नतीजों के बाद सभी की निगाहें इस हफ्ते आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा बैठक पर होंगी.
पिछले सप्ताह 30 शेयरों वाला बोम्बये स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स सेंसेक्स 1,384.96 अंक बढ़ा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स निफ्टी 501.2 अंक चढ़ा. शुक्रवार को निफ्टी अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर 22,126.80 अंक पर पहुंचा. अब बाजार का ध्यान चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजों पर रहेगा। आने वाले दिनों में अशोक लीलैंड, bharti airtel , अपोलो टायर्स, नेस्ले, Grasim और LIC जैसी कई कंपनियां अपने नतीजे घोषित करेंगी।
बाजार के जानकार अजीत मिश्रा के मुताबिक इस सप्ताह बाजार में काफी अस्थिरता रहेगी। सबकी नजरें कंपनियों के तिमाही नतीजों और रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा बैठक पर रहेंगी. वैश्विक मोर्चे पर अमेरिकी बाजार में तेजी से स्थानीय शेयर बाजार भी मजबूत होने का अनुमान है।

