लगातार 6 महीने गिरावट के बाद अक्टूबर महीने में म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी (SIP) के जरिए निवेश बढ़ा है. अक्टूबर ने एसआईपी के जरिए कुल 7800 करोड़ रुपये का निवेश आया है. जो इस बात के संकेत हैं कि रिटेल निवेशकों के लिए रिटर्न नॉर्मल हो रहा है. बता दें कि कोरोना महामारी के दौर में लंबे समय तक निवेशकों को एसआईपी में नुकसान उठाना पड़ा. कई फंडों का 1 से 3 साल का रिटर्न निगेटिव में चला गया. हालांकि लॉकडाउन खुलने के बाद अर्थव्यवस्था को लेकर उम्मीद बेहतर हुई है, जिससे अब लॉर्जकैपव, मडकैप और स्मालकैप हर सेग्मेंट में फंड का प्रदर्शन बेहतर हुआ है.
एसोसिएशन आफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (Amfi) के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में एसआईपी के जरिए इंडस्ट्री में 7800 करोड़ रुपये आया. सितंबर में यह आंकड़ा 7788 करोड़ रुपये का था. मार्च के बाद से सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान इनफ्लो में यह पहली ग्रोथ थी. लेटेस्ट डाटा के अनुसार एसआईपी रूट के जरिए इनफ्लो मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 8 महीने में 55,627 करोड़ रुपये तक पहुंच गया . हालांकि मंथली बेसिस पर यह बढ़ोत्तरी मार्जिनल यानी बहुत कम है.
शेयरखान के हेड (इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशंस) गौतम कालिया का कहना है कि एसआईपी इनफ्लो बेहतर होने का मतलब है कि रिटेल निवेशकों के लिए महौल पहले से बेहतर हुआ है. इक्विटी बाजारों में हालिया तेजी से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिससे एसआईपी में निवेश बढ़ रहा है. हालांकि एसआईपी नंबर में बढ़ोत्तरी के बाद कुछ प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है, जिसकी झलक नवंबर में मिली भी है.

