नई दिल्ली: इंदौर ख्यात फार्मा कंपनी जैनिथ ड्रग्स लिमिटेड का एनएसई पर आईपीओ आ रहा है। 19 फरवरी को सुबह आईपीओ खुलेगा। 22 साल पुरानी कंपनी इस आईपीओ से करीब 41 करोड़ रुपए एकत्र करेगी। कंपनी अपने 51 लाख से अधिक शेयर जारी करने जा रही है, इसकी प्रारंभिक कीमत 75 से 79 रुपए होगी। शेयर से मिलने वाली राशि में से करीब 11 करोड़ रुपए से कंपनी के प्लांट मैं विस्तार किया जाएगा। निदेशक अजयसिंह दासुंदी ने बताया, आईपीओ 22 फरवरी को बंद होगा। आईपीओ की मैनेजर ग्रेटेक्स कॉपोरेट सर्विसेज मुंबई है।
कंपनी 2001 से दवा निर्माण और व्यापार करती है। 2023 में कंपनी 114.52 करोड़ रुपए की बिक्री कर 5.15 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया है। इस साल अर्धवार्षिक करीब 69.40 करोड़ की बिक्री से 5.39 करोड़ का फायदा हो चुका है।
कंपनी के तीन पार्टनर अजयसिंह दासुंदी, संदीप भारद्वाज और भूपेष सोनी हैं। तीनों ने फार्मेसी की पढ़ाई साथ में की और पिछले 22 साल से साथ में जैनिथ कंपनी साथ में चला रहे हैं। कंपनी देश में दवाओं के सप्लाय के साथ ही बड़ा मात्रा में एक्सपोर्ट भी करती है। प्रधानमंत्री जन औषधी, सहकारी राज्य बीमा निगम, रक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग को भी दवाओं का सप्लाय किया जाता है। मप्र के अलावा राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडू, उत्तरप्रदेश, पंजाब सहित अन्य प्रदेशों में दवाओं की सरकारी सप्लाय कर रही है। कंपनी को विगत 7 वर्षों से WHO का प्रमाण पत्र हासिल है। कंपनी के पूरे देश में 3 हजार से अधिक स्टॉकिस्ट जो दवाओं की बिक्री करते हैं।
डायरेक्टर अजयसिंह दासुंदी सेल्स एवं मार्केटिंग का काम देखते है, जिन्होने कॅरियर की शुरूआत ग्लेक्सो और डॉ. रेड्डी जैसी कंपनी में सेल्स व मार्केटिंग से की है। कंपनी का आगामी विजन सेल्स व मार्केटिंग का खुद की फ्रेंचाईसी देश में खोलने के साथ ही डिजीटल मार्केटिंग से अपने उत्पाद को स्थापित करना है।
डायरेक्टर संदीप भारद्वाज ने फार्मेसी करने के बाद दवा व्यापार को लेकर एमबीए किया है। कंपनी की ईकाईयों का संचालन व वित्त से संबंधित काम देखते हैं। संदीप ने बताया, कंपनी अपनी यूनिट का विस्तार करने जा रही है जिससे यहां टेबलेट का उत्पादन एक करोड़ प्रतिदिन क्षमता का हो जाएगा। जुलाइ 24 से नई इकाई का उत्पादन संभावित है
डायरेक्टर भूपेश सोनी सरकारी टेंडर में दवा वितरण का काम और ईकाई में तकनीकी अपडेट करने का काम देखते हैं। भूपेश ने बताया कंपनी में में 5 हेक्टेयर भूमि पर नई ईकाई का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, जिसका उत्पादन 2025- 2026 में संभावित है ।
कंपनी ओआरएस पॉवडर, लिक्विड ओरल, मल्हम, लिक्विड एक्सटर्नल और केप्सूल बनाती है ओर इनको अपने ग्राहकों को संपूर्ण भारत के साथ ही दक्षिण पूर्व एशिया, सीआईएस क्षेत्र और अफ्रीका में सप्लाई करती है ।
कंपनी को ग्राहकों की जरूरत के अनुसार प्रोडक्ट बानने में महारात है। कंपनी के अलग-अलग कार्य की निगरानी और प्रबंधन के लिये वरिष्ठ लोगों की एक अनुभवी और समर्पित टीम है।

