फाइनेंस डेस्क – देश के 1.2 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को नए वेतन आयोग यानी 8वें पे कमीशन का बेसब्री से इंतजार है। लेकिन सवाल ये है कि क्या जनवरी 2026 से ये आयोग अपना काम शुरू कर पाएगा? या फिर अभी भी इसमें देरी तय है?
जनवरी 2025 में आई थी खुशखबरी
जनवरी 2025 में सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था। इससे कर्मचारियों को उम्मीद जगी थी कि जल्द वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी की प्रक्रिया शुरू होगी।
लेकिन जुलाई 2025 तक क्या हुआ?
अब तक आयोग का गठन नहीं हुआ है।
Terms of Reference (ToR) यानी काम करने के नियम भी तय नहीं हुए हैं।
न ही चेयरमैन और बाकी सदस्यों के नाम तय हुए हैं।
क्या है ToR और क्यों है ज़रूरी?
ToR वो नियम होते हैं जिनके आधार पर आयोग काम करता है। जब तक ये तय नहीं होते, आयोग अपना काम शुरू नहीं कर सकता। फिलहाल यही सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है।
अब तक कितनी देरी हो चुकी है?
जनवरी से जुलाई तक 6 महीने बीत चुके हैं और अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
DoPT ने 4 पदों के लिए आवेदन जरूर मांगे थे, लेकिन अभी तक कोई नियुक्ति नहीं हुई।
पुराने वेतन आयोगों को देखकर क्या लगता है?
6वां वेतन आयोग बना था अक्टूबर 2006 में, रिपोर्ट दी मार्च 2008 में — यानी 18 महीने लगे।
7वां वेतन आयोग बना फरवरी 2014 में, रिपोर्ट आई नवंबर 2015 में — यानी 21 महीने।
अगर इसी हिसाब से 8वां वेतन आयोग अगस्त-सितंबर 2025 में बनता है, तो रिपोर्ट आने में 2027 की शुरुआत तक का समय लग सकता है। उसके बाद सरकार उसे लागू करने में भी 6-8 महीने का वक्त ले सकती है।
यानि सच्चाई क्या है?
जनवरी 2026 से काम शुरू होना फिलहाल मुश्किल लगता है।
2027 के आखिर या 2028 की शुरुआत तक ही नया वेतन लागू हो सकता है।

