नई दिल्ली: वोडाफोन आइडिया और एयरटेल की दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। टेलिकॉम कंपनियों पर अजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) की बकाया रकम का बोझ और बढ़ सकता है। टेलिकॉम डिपार्टमेंट (DoT) अब फाइनैंशयल इयर 2018 और 2019 के लिए भी बकाया रकम कैलकुलेट कर रहा है।
लाइसेंस फीस, इंटरेस्ट और पेनल्टी के तौर पर 92,642 करोड़ रुपये का AGR बकाया रकम फाइनैंशल इयर 2017 तक का है। हालांकि 70,869 करोड़ रुपये का बकाया स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज (SUC) इस वर्ष जनवरी तक का है। इस डिवेलपमेंट की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, ‘AGR की बकाया रकम 2016-17 तक कैलकुलेट की गई है। अब हम इसके बाद की अवधि के लिए इंटरेस्ट और पेनल्टी सहित बकाया राशि का आकलन कर रहे हैं।’
टेलिकॉम इंडस्ट्री से जुड़े एग्जिक्यूटिव्स को आशंका है कि फाइनैंशल इयर 2019 तक के नए कैलकुलेशन से AGR की बकाया रकम 40 पर्सेंट तक बढ़ सकती है। इससे सरकार के अनुमान और टेलिकॉम कंपनियों के अपने आकलन के बीच अंतर और बढ़ जाएगा और दोनों पक्षों के बीच इससे नया कानूनी विवाद शुरू हो सकता है।

