टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) ने गुरुवार को कहा कि वह भारतीय बाजार और उसके राष्ट्रीय उद्देश्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसके साथ ही कंपनी ने एक बार फिर अपने एक वरिष्ठ अधिकारी के इस दावे का खंडन किया कि टोयोटा अत्यधिक करों के चलते भारत में अपने विस्तार को रोक देगी. इनोवा और फॉर्च्यूनर जैसे मॉडलों की बिक्री करने वाली ऑटो निर्माता ने कहा कि उसे भारत की आर्थिक विकास क्षमता में पूरा विश्वास है और वह इस दिशा में योगदान देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
टीकेएम के प्रबंध निदेशक मासाकाजू योशिमुरा (Masakazu Yoshimura) ने एक बयान में कहा कि ‘भारत की वृद्धि, भारत के साथ वृद्धि’ के अपने दृष्टिकोण के तहत देश में अपनी मौजूदगी के पिछले दो दशक के दौरान कंपनी ने स्किल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के अनुरूप विश्वस्तरीय प्रतिभाएं तैयार करने के लिए निवेश किया है और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के विकास के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की है.
उन्होंने कहा कि भारत में कंपनी का संचालन उसकी लॉन्ग टर्म वैश्विक रणनीति का एक अभिन्न हिस्सा है. योशिमुरा ने कहा कि इन कोशिशों के तहत टोयोटा समूह घरेलू और निर्यात बाजार, दोनों के लिए आने वाले सालों में भारत में 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करेगा. उन्होंने कहा कि कंपनी बाजार में नई, पर्यावरण के अनुकूल और विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी और सेवाओं को बढ़ावा देने का इरादा रखती है.
टीकेएम जापान की टोयोटा मोटर कंपनी और किर्लोस्कर समूह के बीच एक ज्वॉइंट वेंचर है. इससे पहले टीकेएम के वाइस चेयरमैन और पूर्णकालिक निदेशक शेखर विश्वनाथन शेखर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कंपनी भारत में अपना विस्तार रोक देगी. उन्होंने यह कहते हुए भविष्य के निवेश को भी खारिज कर दिया था कि भारत में कारों और मोटरबाइक पर टैक्स इतने ज्यादा हैं कि कंपनी के लिए आगे बढ़ना काफी मुश्किल है.

