वित्त मंत्री ने निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि देश में 60 अलग-अलग जगहों पर जी20 बैठक के सफल आयोजन ने विश्व को भारत की विविधता दिखाई है. हमारी आर्थिक क्षमता ने देश को व्यापार और सम्मेलन पर्यटन के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। हमारा मध्यम वर्ग भी यात्रा के माध्यम से देश का भ्रमण करना चाहता है। बजट 2024 में वित्त मंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार राज्यों को 75,000 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक ब्याज मुक्त ऋण देगी. इस धन का उपयोग राज्यों द्वारा प्रतिष्ठित पर्यटन स्थानों पर परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा। इसके अलावा इस पैसे का इस्तेमाल पर्यटन स्थलों की वैश्विक ब्रांडिंग आदि के लिए भी किया जा सकता है। आपको बता दें कि प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों में आध्यात्मिक पर्यटन केंद्रों को भी शामिल किया जाएगा।
वित्त मंत्री की ओर से कहा गया कि प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों की रेटिंग के लिए सरकार की ओर से एक रूपरेखा विकसित की जाएगी. जहां पर्यटन केंद्रों पर सुविधाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को लेकर रेटिंग दी जा सकेगी।
उन्होंने आगे कहा कि बढ़ते घरेलू पर्यटन को देखते हुए सरकार लक्षद्वीप समेत सभी द्वीपों पर पर्यटन बुनियादी ढांचे का विकास करेगी. वहां बंदरगाह आदि बनाए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो। इससे देश में रोजगार के अवसरों की संख्या भी बढ़ेगी.

