मुंबई: कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के असर को देखते हुए टाटा ग्रुप ने कहा है कि वह देशभर में अपने ऑफिस और मैन्युफैक्चरिंग साइट्स पर काम करने वाले अस्थायी कर्मचारियों तथा दिहाड़ी मजदूरों को पूरा वेतन देगा। टाटा की कुछ कंपनियों जैसे टाटा प्रॉजेक्ट्स में भारी तादाद में अस्थायी कर्माचारी कंस्ट्रक्शन गतिविधियों से जुड़े हैं।
कोरोना वायरस से पड़ने वाले असर को कम करने के लिए अन्य कंपनियां भी अपनी तरफ से थोड़ी-बहुत पहल कर रहे हैं। बजाज समूह के राजीव बजाज ने कहा है कि किसी कर्मचारी को काम पर निकालने की नौबत आने से पहले वह खुद अपनी सैलरी नहीं लेंगे। बजाज ऑटो के एमडी राजीव बजाज देश के सबसे ज्यादा वेतन लेने वाले अधिकारियों में से हैं और वित्त वर्ष 2019 में उन्हें 32 करोड़ रुपये की सैलरी मिली थी।
ऑनलाइन पेमेंट ऐप कंपनी पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा अपने ऑफिस के कर्मचारियों की मदद के लिए दो महीने की सैलरी नहीं लेंगे। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नियोक्ताओं से अपील की थी कि वे परीक्षा की इस घड़ी में लोगों के वेतन में कटौती नहीं करें।

