1 अक्टूबर को इजरायल पर ईरान के मिसाइल हमले के बाद भारतीय शेयर बाजार से जिस प्रतिक्रिया की उम्मीद थी, वही प्रतिक्रिया गुरुवार को बाजार खुलने पर देखने को मिली। कल महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर शेयर बाजार बंद थे इसलिए गुरुवार को सेंसेक्स करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ 83,002.09 अंक पर खुला, जबकि इससे पहले प्री-ओपन मार्केट में सेंसेक्स 1,264.2 अंक लुढ़क चुका था। इसी तरह एनएसई निफ्टी 345.3 अंक की गिरावट के साथ 25,452.85 अंक पर खुला।
शुरुआती गिरावट से निवेशकों के करीब 6 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। गुरुवार को बाजार खुलते ही बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण मंगलवार के मुकाबले 5.63 लाख करोड़ रुपये घटकर 4.69 लाख करोड़ रुपये रह गया। मंगलवार को इजरायल पर ईरान के ताजा हमले के बाद दुनियाभर के बाजारों में अफरातफरी मचने की आशंका थी। हालांकि, 2 अक्टूबर को जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार हुआ तो बाजार पर इसका असर न के बराबर रहा। एशिया के प्रमुख बाजार जापान के निक्केई 225 इंडेक्स में 2 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली है। वहीं, अमेरिका के एसएंडपी 500 इंडेक्स में भी 0.79 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शेयर बाजार में रिकवरी का रुख डाउ जोंस में 39.55 अंकों की बढ़त के रूप में भी देखने को मिला है। आईटी कंपनियों का प्रमुख सूचकांक नैस्डैक भी 14 अंकों की बढ़त के साथ ग्रीन जोन में बना हुआ है। इस बीच भारत के पड़ोसी देश चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स 314 अंकों तक मजबूत हुआ है। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 249 अंकों तक ग्रीन जोन में बना हुआ है। सिर्फ हांगकांग के हैंगसेंग इंडेक्स में 700 अंकों तक की गिरावट देखने को मिली है।

