भारत तेजी से स्टार्टअप हब बन रहा है जिसका फायदा युवाओं को मिल रहा है क्योंकि बड़ी संख्या में युवाओं को स्टार्टअप में नौकरी मिल रही है। केंद्र सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में सरकार से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप ने मिलकर अब तक 15.5 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। पिछले एक दशक में देश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं।
लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) (एमएसडीई) ने बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने 1,40,803 स्टार्टअप की पहचान की है। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) को लागू किया है। इसके तहत उद्योगपतियों को गैर कृषि क्षेत्र में नए उद्यम लगाने में मदद की जानी है। इसका मकसद पारंपरिक कारीगरों और शहरी व ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
इस योजना की शुरुआत से अब तक 9.69 लाख सूक्ष्म उद्यमों को 25,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है और इनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 79 लाख लोगों को रोजगार मिला है। मंत्रालय ने अगले दो वित्त वर्षों (2024-25 और 2025-26) में 1.6 लाख नए उद्यम स्थापित करने की योजना बनाई है। इससे 12.8 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। बता दें, आम बजट 2024-25 में सरकार ने एंजल टैक्स हटा दिया है। इसके हटने से स्टार्टअप्स में विदेशी फंडिंग बढ़ेगी।

