कोरोनावायरस की वैक्सीन बनाने की रेस में भारत समेत दुनियाभर की कई कंपनियां लगी हुई हैं. कुछ वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल्स अंतिम चरण में हैं, तो कई ने अभी इन ट्रायल्स को शुरू ही किया है. वैक्सीन की रेस में सबसे आगे एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन है, जो ह्यूमन ट्रायल्स के तीसरे चरण में है. एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन तैयार होने पर उसका उत्पादन भारत की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया करेगी. पुणे स्थित सीरम वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी क्ंपनी है. सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने वैक्सीन के फाइनल स्टेज के रिजल्ट आने से पहले ही दावा कर दिया है कि वैक्सीन के सैकड़ों करोड़ डोज तैयार करेगी.
सीरम इंस्टीट्यूट ने अप्रैल में ही वैक्सीन के मास प्रॉडक्शन का दावा कर दिया था. अब कंपनी अपनी असेंबली लाइन को प्रति मिनट 500 डोज का उत्पादन करने के लिए तैयार कर रही है.सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को उम्मीद है कि इस साल अक्टूबर/नवंबर तक कोविड-19 की वैक्सीन बन जाएगी. पूनावाला ने एक इंटरव्यू में कहा था कि एस्ट्रोजेनेका की वैक्सीन तैयार होने पर दिसंबर तक वैक्सीन के 30-40 करोड़ डोज बना लिए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा था कि सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा वैक्सीन के कुल प्रॉडक्शन में से 50 फीसदी भारत के लिए होगा और बाकी 50 फीसदी अन्य देशों के लिए.

