मुंबई: कोरोना वायरस के प्रकोप का अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित निवेशकों में सरकार द्वारा स्टिमुलस पैकेज देने की आस जगने से बुधवार को शेयर बाजार हरे निशान पर बंद हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, एचडीएफसी तथा आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में भारी लिवाली से सेंसेक्स 1861.75 अंक (6.98%) उछलकर 28,535.78 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 496.75 अंकों (6.37%) की तेजी के साथ 8,297.80 पर बंद हुआ। बीते 11 सालों में यह सेंसेक्स की सबसे बड़ी छलांग है। इससे पहले 2009 में इसी तरह की एकदिनी तेजी दर्ज की गई थी।
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की है, जिससे निवेशकों में इस बात की आस जगी है कि इसके बाद केंद्र कारोबार जगत के लिए स्टिम्युलस पैकेज की घोषणा कर सकता है।
कोरोना वायर के मद्देनजर देशभर में आने-जाने पर 21 दिनों की पाबंदी से बाजार में शुरू में उतार-चढ़ाव दिखा पर एशियाई बाजारों से तेजी के संकेतों से स्थानीय कारोबारियों में भी उत्साह बढ़ गया था। वैश्विक बाजारों में तेजी का भी घरेलू बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। अमेरिका में सरकार और सदन के ऊपरी सदन सीनेट के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए 2,000 अरब डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज को लेकर समझौते की घाषणाा से वैश्विक बाजारों में तेजी आई।
सेंसेक्स के शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे लाभ में रही। कंपनी का शेयर 15 प्रतिशत मजबूत हुआ। उसके बाद कोटक बैंक, मारुति, एचडीएफसी बैंक औेर एसडीएफसी, टाइटन, एलऐंडटी और एक्सिस बैंक का स्थान रहा। वहीं दूसरी तरफ इंडसइंड बैंक, ओएनजीसी, आईटीसी और बजाज ऑटो नुकसान में रहे।
वॉइट हाउस और सीनेट के बीच अमेरिका पर कोरोनो वायरस महामारी के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिए 2,000 अरब डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज से जुड़े विधेयक पर सहमत होने से वैश्विक बाजारों में तेजी का असर भी घरेलू बाजार पर पड़ा। एशिया के अन्य बाजारों में चीन के शंघाई, हांगकांग, जापान के तोक्यो और दक्षिण कोरिया के सोल बाजार के प्रमुख सूचकांक 8 प्रतिशत तक मजबूत हुए।

