स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड ने 8 नवंबर को 30 सितंबर, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए शुद्ध लाभ में 28 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 18,331 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की। पीएसयू ऋणदाता ने एक साल पहले की अवधि में 14,330 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। बैंक की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक की ब्याज आय सालाना आधार पर 12.32 प्रतिशत बढ़कर 1.14 लाख करोड़ रुपये हो गई। जबकि, ऋणदाता की शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 5.37 प्रतिशत बढ़कर Q2FY25 में 41,620 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले की अवधि में 39,500 करोड़ रुपये थी।
बैंक के शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) में सालाना आधार पर 15 आधार अंक (बीपीएस) और तिमाही आधार पर 8 बीपीएस की कमी आई। निवेशक प्रस्तुति के अनुसार, समीक्षाधीन तिमाही में एनआईएम 3.14 प्रतिशत रहा, जबकि एक तिमाही पहले यह 3.22 प्रतिशत और एक साल पहले यह 3.29 प्रतिशत था।
जुलाई-सितंबर तिमाही में एसबीआई का घरेलू एनआईएम घटकर 3.27 प्रतिशत रह गया, जबकि अप्रैल-जून तिमाही में यह 3.35 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2024 की जुलाई-सितंबर तिमाही में यह 3.43 प्रतिशत था, जैसा कि प्रस्तुति में दिखाया गया।
बैंक ने कहा कि उसके बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025 के दौरान पब्लिक इश्यू या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए 20,000 करोड़ रुपये तक के लॉन्ग टर्म बॉन्ड जुटाने को मंजूरी दे दी है। भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने पोस्ट अर्निंग प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सिस्टम के लिए जमा राशि में 11-13 प्रतिशत और क्रेडिट में 13-14 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 4.14 प्रतिशत घटकर 83,369 करोड़ रुपये रह गई, जबकि एक तिमाही पहले यह 84,226 करोड़ रुपये और एक साल पहले यह 86,974 करोड़ रुपये थी। इसी तरह, शुद्ध एनपीए सालाना आधार पर 4.96 प्रतिशत घटकर वित्त वर्ष 25 की दूसरी तिमाही में 20,294 करोड़ रुपये रह गया। एक तिमाही पहले यह 21,555 करोड़ रुपये और एक साल पहले यह 21,352 करोड़ रुपये था।

