नई दिल्ली। सरकारी स्वामित्व वाले पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने मंगलवार को 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही के लिए 507.06 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया। ऋणदाता ने पिछले साल जुलाई-सितंबर तिमाही में 4,532.35 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था।
इस तिमाही के दौरान, जुलाई-सितंबर 2018 में 7,733.27 करोड़ रुपये के मुकाबले खराब ऋणों के प्रावधानों में 3,253.32 करोड़ रुपये की गिरावट आई। साल भर पहले के प्रावधानों में ज्वैलरी जोड़ी नीरव मोदी और मेहुल द्वारा की गई 14,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के लिए राशि शामिल थी।
सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) सितंबर के अंत में सकल अग्रिम का 16.76 प्रतिशत था, जो एक साल पहले 17.16 प्रतिशत से कम था। नेट एनपीए या बैड लोन भी घटकर 7.65 प्रतिशत पर आ गया, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 8.90 प्रतिशत था।
आगे बढ़ते हुए कहा कि, रिकवरी पर ध्यान देने से चालू वित्त वर्ष के अंत तक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आराम स्तर तक शुद्ध NPA को नीचे लाने में मदद मिलेगी, नव नियुक्त PNB के प्रबंध निदेशक एसएस मल्लिकार्जुन राव ने कहा कि तिमाही संख्या की घोषणा करने के बाद यहाँ। यदि आप मार्गदर्शन को देखते हैं, तो हम बहुत आश्वस्त हैं कि हम मार्च 2020 तक शुद्ध एनपीए को 6 प्रतिशत से नीचे ला सकते हैं।
