सिर्फ चार दिन के कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स अब अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से करीब 4 फीसदी नीचे आ चुका है। अकेले आज सेंसेक्स में 2 फीसदी की बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स 1,729.77 अंक गिरकर 82,536.52 पर बंद हुआ। निफ्टी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 26,277.35 से 3.7 फीसदी नीचे 25,250.10 पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में गिरावट के दौरान निवेशकों को 11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
शेयर बाजार में जारी इस भारी गिरावट के पीछे बड़ी वजह इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष की घोषणा है जिसने भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान ने 1 अक्टूबर की रात को एक के बाद एक 180 से ज़्यादा मिसाइलें दागकर इजरायल पर जोरदार पलटवार किया था। हमले के बाद इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान को इस हमले के बुरे नतीजे भुगतने होंगे। इससे पूरे वैश्विक बाज़ारों में बिकवाली का दौर शुरू हो गया जिसमें सबसे ज़्यादा बिकवाली भारतीय बाज़ारों में देखि जा रही है.
आज बिकवाली के चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 3.95% की गिरावट आई, यही हाल टाटा ग्रुप की कंपनियों का भी रहा। TCS के शेयरों में 1.29% की गिरावट देखने को मिली। अडानी पोर्ट के शेयरों में भी 2.82% की गिरावट देखी गई। बाजार नियामक सेबी ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस यानी एफएंडओ ट्रेड को लेकर बड़े बदलावों की घोषणा की है। सेबी ने 1 अक्टूबर की शाम को एक सर्कुलर भी जारी किया। इसके तहत इंट्रा-डे पोजीशन लिमिट पर नजर रखी जाएगी। डेरिवेटिव्स की न्यूनतम ट्रेडिंग राशि में भी बढ़ोतरी की गई है।
ऑटो शेयरों में मारुति के शेयरों में 4.26% की गिरावट आई और यह 12,605 रुपये पर आ गया. एशियन पेंट्स के शेयर 4% की गिरावट के साथ 3145 रुपये पर आ गए । बीएसई पर लार्सन एंड टूब्रो के शेयर 4.15% की गिरावट के साथ 3500 रुपये पर आ गए. कंपनी का मार्केट कैप गिरकर 4.81 लाख करोड़ रुपये रह गया। एक्सिस बैंक के शेयर बीएसई पर 1225.90 रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 3.75% गिरकर 1179.60 रुपये पर आ गए।

