नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) ने 45,000 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने की योजना बनाई है. कंपनी का बोर्ड अगले सप्ताह 1 सितंबर को होने वाली बैठक में इस पर विचार करेगा. ओएनजीसी ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज की भेजी सूचना में कहा है कि निदेशक मंडल इस दौरान कंपनी के पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम पर भी गौर करेगा और उसे मंजूरी देगा. सूचना में कहा गया है, बैठक में कंपनी के लिए धन जुटाने के विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जाएगा.
यह फंड बैंक कर्ज के जरिए या फिर घरेलू अथवा विदेशी बाजारों में ऋण पत्र (जिसमें बॉन्ड, एनसीडी तथा अन्य साधन शामिल हैं) के जरिए जुटाया जा सकता है. साथ ही यूरो मीडियम टर्म नोट (ईएमटीएन) के तहत ड्राडाउन के माध्यम से भी ऐसा किया जा सकता है. इन माध्यमों से कुल मिलाकर 35,000 करोड़ रुपये तक की राशि जुटाने पर विचार होगा. कंपनी बोर्ड बैंक में सावधि जमाओं के एवज में 10,000 करोड़ रुपये तक का ऋण लेने पर भी फैसला करेगा.
मंगलवार के कारोबार में ओएनजीसी के शेयरों में हल्का दबाव देखने को मिल रहा है. आज शेयर 1 फीसदी के करीब कमजोर होकर 80.40 रुपये के भाव पर आ गया. इस साल की बात करें तो शेयर में करीब 36 फीसदी कमजोरी आ चुकी है. शेयर 1 जनवरी को 127 रुपये के भाव पर था. वहीं अपने 52 हफ्तों के हाई 150 रुपये से शेयर करीब 46 फीसदी टूट चुका है. हालांकि

