मुंबई: अगस्त महीने की शुरूआत शेयर बाजार और निवेशकों के लिए बहुत बुरी साबित हुई है. अगस्त महीने के पहले ही ट्रेडिंग डे पर निवेशकों के 1.2 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए. कारोबार में सेंसेक्स 667 अंक टूटकर और निफ्टी 174 अंक कमजोर होकर बंद हुआ है. बाजार का मार्केट कैप में करीब 111734 करोड़ रुपये की कमी आई है. कारोबार में सबसे बुरा हाल बैंक और फाइनेंशियल सेक्टर का रहा है. फिलहाल बाजार में ऐसे कुछ फैक्टर रहे, जिससे कारोबार में सेंटीमेंट निगेटिव बना. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों, लोन एक्सटेंशन, बैंक और फाइनेंशियल सेक्टर में कमजोरी की वजह से बाजार में मुनाफा वसूली आई.
31 जुलाई को बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1,47,39,115.83 करोड़ रुपये था. वहीं, 3 अगस्त यानी सोमवार को बीएसई का मार्केट कैप घटकर 1,46,27,381.77 करोड़ रुपये रह गया है. यानी एक दिन में इसमें 1.11734 लाख करोड़ की कमी आई है.
रेलीगेयर ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि आटो सेल्स के अचछे नंबर आने के बाद भी बाजार की शुरूआत कमजोर हुई और अंत बड़ी गिरावट के साथ. असल में बाजार को कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है. ग्लोबल क्लू भी कमजोर ही दिख रहे हैं. इसके अलावा बैंक और एनबीएफसी में बिकवाली बनी हुई है. बाजार को आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी का भी इंतजार है, जिसके पहले निवेशक सतर्क हैं. आगे भी बाजार पवर कुछ दबाव दिख सकता है और निफ्टी में 10,750-10,800 तक कमजोरी देखने को मिल सकती है.

