महंगे ब्याज वाले पर्सनल लोन की जब EMI पूरी होती हैं तो इंसान बड़े रहत की सांस लेता है लेकिन ठहरिये सिर्फ भर देने से ही आपका काम ख़त्म होने वाला नहीं , पर्सनल लोन से जुड़े और भी कई ऐसे काम होते हैं जो किस्तें भरने के बाद किये जाते हैं , जो बहुत ज़रूरी होते हैं. इसमें किसी तरह की लापरवाई आपकी समस्या बड़ा सकती है। तो चलिए जानते हैं कि और कौन कौन से काम करने होते हैं?
पर्नसल लोन चुकाने के बाद आपको नो ड्यूज सर्टिफिकेट की ज़रुरत है जो आपके बैंक या वित्तीय कंपनी द्वारा जारी किया जाता है। नो ड्यूज सर्टिफिकेट लोन चुकाने के बाद का सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स है जिसे आपको EMI पूरी होते ही कलेक्ट करना चाहिए। यह नो ड्यूज सर्टिफिकेट आपके द्वारा किए गए रीपेमेंट को वैलिड बनाता है। इस डॉक्यूमेंट के बिना आप यह साबित नहीं कर सकते कि आपने अपना कर्ज़ चुका दिया है। अगर आप निकट भविष्य में कोई दूसरा लोन लेने की सोच रहे हैं तो आपको यह साबित करने के लिए इस डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी कि आपने पिछला लोन चुका दिया है।
हार्ड कैश के जरिये अंतिम EMI का भुगतान करने पर यह डॉक्यूमेंट आपके बैंक द्वारा मौके पर ही जारी किया जाता है। किसी दूसरे माध्यम से भुगतान पर बैंक एनडीसी आपके रजिस्टर्ड पते पर भेज देगा या उसे ब्रांच से कलेक्ट करने के लिए कहेगा।
नो ड्यूज सर्टिफिकेट के साथ स्टेटमेट ऑफ अकाउंट या SOA आपको यह साबित करने में मदद करेगा कि आपके लोन का पूरी तरह से पेमेंट कर दिया गया है और भुगतान समय पर किया गया है। यह एक वैकल्पिक दस्तावेज़ है जो सभी बैंकों द्वारा जारी नहीं किया जाता है। अगर आपका बैंक यह डॉक्यूमेंट जारी करता है, तो आपको इसे हासिल करना चाहिए। डॉक्यूमेंट लेते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि किसी तरह की कोई त्रुटि या विसंगति तो नहीं है. अगर ऐसा कुछ होता है तो आप उसमें जरूरी परिवर्तन करने के लिए स्टेटमेट ऑफ अकाउंट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

