हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का नवीनीकरण कराते समय हम कई बार जरूरी बातों को भूल जाते हैं। बता दें कि बीमा के मामले में मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर अपनी पिछली पॉलिसियों को एडजस्ट करते रहना बहुत जरूरी होता है। हेल्थ कवर आपके जीवन में अचानक आये विपरीत हालातों के खिलाफ महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है। इसीलिए हेल्थ पॉलिसी को रिन्युअल करने के लिए सावधानीपूर्वक विचार और मूल्यांकन करना होता है।
अपनी हेल्थ पॉलिसी का नवीनीकरण करते समय आपको अपनी वर्तमान पॉलिसी बेनिफिट को जरूर देखना चाहिए। आपको इंश्योरेंस प्रीमियम की जांच करने की सलाह दी जाती है। आप इस बात पर जरूर गौर करें कि क्या महंगाई को देखते हुए स्वास्थ्य देखभाल का खर्च आपकी मौजूदा जरूरतों के लिए पर्याप्त है? अगर पर्याप्त नहीं है तो फिर पॉलिसी को अपग्रेड करने की जरूरत पड़ सकती है। बीमा पॉलिसियों का नवीनीकरण करने में कवरेज और बेनिफिट की गहन समीक्षा करनी चाहिए। गंभीर बीमारी या आकस्मिक मृत्यु लाभ जैसे राइडर्स जोड़ने पर विचार करें।
पालिसी का नवीनीकरण करते समय वित्तीय पहलू बहुत जरूरी है। बीमा कंपनी के द्वारा दी जा रही कवरेज के मुकाबले प्रीमियम अमाउंट का वैल्यूएशन करें। आपको कॉम्पिटिटीव दरें मिल रही हैं यह सुनिश्चित करने के लिए दूसरी इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा दिए गए प्रीमियम पर रिसर्च करें। इसके अलावा अपनी वित्तीय स्थिति में किसी भी बदलाव पर विचार करें जो आपकी प्रीमियम भुगतान क्षमता को प्रभावित कर सकता है। हेल्थ इंश्योरेंस के लिए अपनी पॉलिसी से जुड़े नेटवर्क हॉस्पिटल की लिस्ट की जांच ज़रूर करें। ये अस्पताल आसानी से आपकी पहुंच योग्य हों और क्वालिटी हेल्थ सर्विस उपलब्ध करते हों। इस पर भी गौर करें कि क्या किसी पसंदीदा अस्पताल या चिकित्सा सुविधाओं को लिस्ट से जोड़ा या हटाया गया है या नहीं।
सबसे ज़रूरी, इंश्योरेंस कंपनी क्लेम सेटलमेंट को लेकर कितनी सहयोगी है। सेटलमेंट के रेशियो के बारे में जानकारी हासिल करें। अगर क्लेम सेटलमेंट रेशियो अच्छा है तो ये आपके क्लेम के तुरंत निपटारे की बेहतर संभावना को बताता है। इमरजेंसी के दौरान किसी भी परेशानी से बचने के लिए दावा प्रक्रिया को भी ठीक ढंग से समझने की बहुत ज़रुरत होती है.

