कोलकाता: रिलायंस जियो की पैरंट कंपनी जियो प्लैटफॉर्म्स स्ट्रैटिजिक फाइनैंशल इन्वेस्टर्स को 8% की हिस्सेदारी और बेच सकती है। कंपनी ने हाल में अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म सिल्वर लेक और सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक से इन्वेस्टमेंट हासिल किया था।
ऐनालिस्टों का कहना है कि इस मेगा स्टेक सेल से जियो की बैलेंस शीट को मजबूती मिलेगी, फ्यूचर में कैश की जरूरत पूरी करने के लिए IPO पर निर्भरता घटेगी, 5जी स्पेक्ट्रम के ऑक्शन में बड़ा हिस्सा हासिल करने में भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया पर फर्स्ट मूवर वाली बढ़त हासिल होगी।
ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) सिक्यॉरिटीज ने एक नोट में कहा है, ‘रिलायंस इंडस्ट्रीज की मैनेजमेंट कॉमेंट्री के हिसाब से कंपनी में 8% का स्टेक सेल और होने की गुंजाइश बनी है।’ उसने कहा कि आने वाले समय में प्राइवेट इक्विटी प्लेयर्स की तरफ से जियो प्लैटफॉर्म्स का ड्यू डिलिजेंस ‘ज्यादा तेजी’ से हो सकेगा क्योंकि कंपनी ने हालिया इन्वेस्टमेंट के लिए डॉक्यूमेंटेशन और प्रोसेसिंग का काम किया ही है।
जियो में होने वाले अतिरिक्त निवेश से टेलिकॉम कंपनी की बैलेंसशीट को मजबूती मिलेगी। इससे कंपनी को 850MHz स्पेक्ट्रम में होल्डिंग को रिन्यू कराने और 5G स्पेक्ट्रम की खरीदारी में मदद मिलेगी।
BofA सिक्यॉरिटीज ने कहा, ‘जियो को 5जी स्पेक्ट्रम के ऑक्शन में फर्स्ट मूवर का फायदा मिल सकता है।’ RIL का शेयर मंगलवार को 1.8% की मजबूती के साथ 1,461 रुपये पर बंद हुआ। ऐनालिस्टों का कहना है कि डिजिटल कंपनी के तौर पर जियो की कामयाबी इस बार पर निर्भर करेगी कि उसका ऐप इकोसिस्टम कितना तेजी से फैलता है और अपने लगभग 25 ऐप के क्लस्टर से किस तरह कमाई करती है।
उनके हिसाब से माय जियो ऐप सुपर ऐप और जियो के वेंचर्स की तरफ से ऑफर की जा रही सभी कन्ज्यूमर सर्विसेज के लिए ऐक्सेस पॉइंट के तौर पर उभर सकता है।

