ITR भरने के लिए ई-फाइलिंग सुविधा का करें इस्तेमाल

इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की तारीख नजदीक आ रही है। रिटर्न दाखिल करना सालों से कठिन माना जाता रहा है और इसके पीछे की वजह साफ है, क्योंकि इसमें लोगों को अपने आय से लेकर संपत्ति तक का ब्यौरा देना पड़ता है।

इसी वजह से ज्यातर लोग इसे अंतिम समय में दाखिल करते हैं। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। भारत में हर साल रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।

सरकार ने इस साल रिटर्न दाखिल करने की आखरी तारीख 31 दिसंबर 2020 तय किया है। 31 दिसंबर 2020 के बाद रिटर्न दाखिल करने वालों को पेनल्टी भरना होगा। याद रखें कि सभी टैक्सपेयर्स को रिटर्न दाखिल करते समय अपना 12 अंकों का आधार नंबर और 28 अंकों का आधार एनरॉलमेंट नंबर भी भरना जरूरी है। टैक्सपेयर्स इन दो तरीकों से आयकर रिजर्न फाइल कर सकते हैं।

ई-फाईलिंग

लोगों को लंबी कतारों से छुटकारा दिलाने के लिए आयकर विभाग ने हाल के सालों में इस प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। ऑनलाइन रिटर्न दाखिल के प्रोसेस को ई-फाइलिंग का नाम दिया गया है। ऑनलाइन ई-फाइलिंग से लोग को अब लंबे कतारों में समय खराब नहीं करना पड़ता है। ई-फाइलिंग को बढ़ावा देने के लिए राज्य व केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि वे अपने अधिकांश करों का भुगतान ऑनलाइन तरीके से लेंगी। ये प्रक्रिया न्यासों के अलावा हर किसी करदाता के लिए उपलब्ध होगा। ऐसे करें ऑनलाइन ई-फाइलिंग।

सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की वेबसाइट पर जाकर अपना इनकम टैक्स अकाउंट लॉग-इन करना होगा। लॉग-इन करने के बाद E-Filing इनकम टैक्स रिटर्न का ऑप्शन आएगा। आप इसमें आकलन वर्ष के आधार पर डेटा भरें। इसके बाद रिटर्न सबमिट करें और फिर इसे ई-वेरिफाई करें।

ई-वेरिफाई के कुल 4 तरीके हैं।

1- ई मेल ओटीपी या मोबाइल ओटीपी
2-आधार ऑथेंटिफिकेशन
3-अपने बैंक अकाउंट की वेबसाइट पर जाकर भी इसे वेरिफाई करा सकते हैं।
4-एकनॉलेजमेंट की कॉपी निकालकर इस पते पर भेज दें।
5- इस पते पर भेजें अपना एकनॉलेजमेंट की कॉपी। Centralized processing center (CPC), Income tax department Bangalore-560500

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *