फरवरी महीने के अंतिम कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई और निफ्टी-सेंसेक्स ने अपने अहम स्तर तोड़ दिए। निफ्टी 22300 के नीचे चला गया है। खबर लिखे जाने तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 900 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 270 अंकों से ज्यादा गिर चुका था। सुबह सेंसेक्स 686.45 अंकों की गिरावट के साथ 73,925.98 और निफ्टी 219.85 अंकों की गिरावट के साथ 22,325.20 पर खुला।
भारतीय शेयर बाजार में आज बाजार खुलते ही निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। निफ्टी का कोई भी इंडेक्स हरा निशान नहीं दिखा। कुल मिलाकर बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में 4.46 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
बाजार में मची तबाही के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं, सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए टैरिफ का ऐलान, विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और भारत के तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको और कनाडा से आयात पर नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया। इससे वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ा और भारतीय बाजार पर भी इसका असर पड़ा। वहीँ विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजारों में बिकवाली कर रहे हैं, जिससे गिरावट तेज हो रही है। देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े नए डेटा जारी होने वाले हैं जिसका असर बाजार पर पड़ रहा है। इससे निवेशकों में अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।

