WhatsApp की अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी का केंद्र सरकार परीक्षण कर रही है और यह जांचने की कोशिश कर रही है कि इसका क्या प्रभाव पड़ने वाला है. वाट्सऐप की अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी में वाट्सऐप यूजर के डेटा को फेसबुक के अन्य प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज से जोड़ने को लेकर लगातार बहस जारी है. आईटी मिनिस्ट्री में फेसबुक के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वाट्सऐप की नई पॉलिसी के प्रभाव पर आंतरिक चर्चा (इंटर्नल डिस्कशंस) चल रही है.
आईटी मिनिस्ट्री के मुताबिक इस मुद्दे पर चर्चा किया जाना चाहिए क्योंकि बहुत से लोग अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर सवाल उठा रहे हैं. महिंद्रा ग्रुप चेयरमैन आनंद महिंद्रा, पेटीएम संस्थापक विजय शेखर शर्मा और फोनपे सीईओ समीर निगम समेत कई टॉप बिजनस लीडर्स ने भी वाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर सवाल उठाए हैं.
वाट्सऐप के देश भर में 40 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं. स्रोत के मुताबिक वाट्सऐप के पॉलिसी अपडेट का वर्तमान लीगल फ्रेमवर्क के संदर्भ में आकलन किया जाएगा. यानी कि वर्तमान भारतीय कानूनों के मुताबिक ये अपडेट्स कितने वैध हैं. आईटी मिनिस्ट्री ने अभी तक वाट्सऐप से इस पर कोई व्याख्या नहीं मंगाया है लेकिन स्रोत ने बताया कि इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा.
वाट्सऐप की अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी आने के बाद इस पर विवाद जारी है. सोशल मैसेजिंग ऐप ने अपने टर्म्स ऑफ सर्विस और प्राइवेसी पॉलिसी में अपडेट किया है. इस पॉलिसी में उसने बताया है कि किस तरह वह अपने यूजर डेटा को प्रोसेस करता है और फेसबुक के साथ साझा करता है.

