दुनिया की पांच बेहतर बॉयोटेक कंपनियों की सूची में भारत की बॉयोटेक को भी स्थान मिला है. अमेरिका की साइंस पत्रिका के सालाना साइंस कैरियर्स टॉप 20 एंप्लॉयर्स की सूची में इस साल बॉयोटक को पांचवे स्थान पर रखा गया है. यह जानकारी शुक्रवार को कंपनी ने दी. बॉयोटेक कंपनी का मुख्याल बंगलूरु में स्थित है.
बॉयोटक ने बताया कि वैश्विक स्तर की फॉर्मा और बॉयोटेक कंपनियों की सूची में इस बार कंपनी की स्थिति बेहतर हुआ है. पिछले साल वह इस सूची में छठे स्थान पर थी और उसके पिछले साल 2018 में वह सातवें स्थान पर थी.
टॉप एंप्लायर्स के इस सर्वे में दुनिया भर के 7600 लोगों से राय ली गई. इस साल यह सर्वे 3 मार्च से लेकर 3 मई तक चला, जब दुनिया भर में कंपनियां कोरोना महामारी के कारण उपजी परिस्थितियों में क्वारंटाइन और लॉकडाउन से निपट रही थी. बॉयोकॉन द्वारा जारी बयान के मुताबिक यह रैंकिंग मुख्य रूप से तीन पैमानों पर तैयार की गई है, इंडस्ट्री में नए विचारों के प्रमुख के रूप में, सामाजिक जिम्मेदारी और लॉयल एंप्लाईज.
बॉयोकॉन की एग्जेक्यूटिव चेयरपर्सन किरन मजूमदार शॉ ने इस उपलब्धि पर कहा, इस रैकिंग से यह साबित होता है कि कोरोना महामारी के दौरान उनकी कंपनी के एंप्लाई ने मैनुफैक्चरिंग, क्वालिटी और सप्लाई ऑपरेशंस का काम जारी रखा जिससे मरीजों और सहयोगियों पर कम से कम प्रभाव पड़ा.
इस सूची में बॉयोकॉन के अलावा टॉप 4 कंपनियां रेजेनेरॉन, एलिनलैम, इनसाइट और सिंजेंटा हैं. रैंकिंग में बॉयोकॉन नोवो नॉर्डिस्क, रोशे, एबॉट, नोवार्टिस और फिजर जैसी नामी-गिरामी कंपनियों से आगे रही.

